Corona se kya sikha hamne in Hindi jarur jane

 

 

 

 

 

 

 

“सौभाग्य भी उसी को मिलता है, जिसने अपने आप को उस काबिल बनाया है।

आपका लक्ष्य आपके मेहनत करने के तरीके से पता चलता है।

काफिला भी तेरे पीछे होगा, तू अकेले चलना सुरु कर तो सही।

बड़ी कामयाबी पाने के लिए छोटे -छोटे बदलाव करना बहुत जरुरी है।”

कोरोना से आप क्या क्या सीखें Corona se kya sikha

पुरे विश्व के लोग कोरोना की भयानक बर्बादी का शिकार बना पड़ा है। पता नहीं यह लोगो को कैसे कैसे बर्वाद किया है।

कोरोना की चंगुल से शायद ही कोई बच पाया है। यह महामारी ने लोगो को सभी तरह से निचोड़ कर रख दिया है। कुछ को बीमारी से तो कुछ को आर्थिक तंगी से , न जाने और कितनाही तरीको से लोगो को इससे प्रभित होना पड़ा है ये तो सभी लोग इससे भली भाती वाकिब हैं।

coronavirus

 

कोरोना और लोगो में बदलाव

कोरोना आने के हम सभी के जीवन में काफी बदलाव आये हैं और हम यकीनन अपने आप को बदल चुकें हैं , और अगर इतना कुछ होने के बाद भी अपने आप में बदलाव नहीं किए हैं तो ये हमारा दुर्भाग्य होगा।  क्योंकि यह हमारे जीवन की हर पहलु को प्रवित किया और और हम बदलाव कर आगे होने वाली समस्या से लड़ने के लिए तैयार होंगे।  तो आईये जानते है की ये बदलाव और प्रभाव के बारे में।

 

कोरोना से सिख

प्रकृति हमें मरने पर तुली हुयी है -हम जानतें हैं की हम प्रकृति के साथ रहते आए हैं और प्रकृति हमारे जीवन के लिए बहुत से सुविधाएँ दी हुयी है यह हमें अनेक तरह की सहयो देती रहती है। और हम लगभग सभी सुविधा प्रकृति से ही प्राप्त करते हैं।

वंही दूसरी और यह हमें समय – समय पर मरने पर तुली हुयी है।  यह अनेक तरह के विकराल रूप लाते रहती है , जिससे जिव को काफी प्रभावित करते रहतें हैं।  इसके कई तरह के उदाहरन है – जैसे – भूकंप , बाद , तूफान , ब्रजपत , कोरोना जैसी महामारी इत्यादि। कोरोना इसका ज्वलंत उद्धरण है जो काफी बिकराल महामारी का रूप है।

हमें इस तरह के सभी समस्याओं से लड़ने के लिए हमेशा तैयार रहना होगा और अपने आप को हर रूपों से मजबूत बनाना होगा।

 

 

हम  समस्याओं को और बिगड़ रहें हैं हम  प्रकृति में रहतें हैं और यही से जीवन यापन की सुविधा प्राप्त करतें हैं, लेकिन हमारी बुरी यादते अपना ही समस्या बढ़ाते हैं।  कुछ आदते हमारी इतनी बुरी है की बुरे वक्त में आदिक स्वार्थ और लालची बन जातें हैं  साथ ही साथ समस्या को और बिगड़ लेते जो काफी बिकराल रुप बन कई लोगो को चपेट में ले लेती है।

Corona se kya sikha

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लोगो में परोपकार की भावना की कमी हम सब यह तो देखतें आएं हैं की लोगो में परोपकार की व्यवहार की कमी हुयी है और वे स्वार्थी भी हुए हैं।  लेकिन इस कोरोना समय में यह भली भातिं ज्ञात हो गया की की लोग कैसे हैं।  इसलिए आदमी को हर घडी के लिए अपने -आप को तैयार होना चाहिए। तभी लोग इनके प्रति रूचि रखतें हैं।

 

हलाकि हम अगले समस्या के लिए तैयार हैं पर बहुत बड़े समस्या के लिए बिलकुल तैयार नहीं हैं हम अपने आप को और हमारी व्यवस्था पर अभी तक यही मानते ा रहे थें की हम अगले आने वाली समस्या के लिए तैयार हैं।  पर अब यह तो मानना पड़ेगा की हम तैयार तो हैं पर पूरी तरह से नहीं। और न ही बहुत बड़े समस्या के लिए तैयार हैं। इसलिए अब हमें अपनी तैयारी और व्यवस्था को बढ़ाना होगा और इसके लिए निरंतर प्रयास रतन्न होना होगा।

 

सेहत के प्रति जागरूकताहम सब अब तक यही समझ रहें थें की हम सभी अपनी सेहत के प्रति जागरूक हैं और सेहत की ख्याल भी कर रहें हैं।  पर कोरोना ने हम सभी को ज्ञात दिलाया की हम अभी भी कमजोर है और हमारी शरीर में रोग को लड़ने की क्षमता अभी भी बहुत काम है। कोरोना समय में लोग अपना रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी पवार ) को बढ़ने के लिए अनेक तरह के उपाय किए जा रहें थें। इम्युनिटी बुस्टर और योग का खूब प्रयोग किये गएँ।

वास्तव में हमें अभी भी रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ने की , फिट रहने की काफी आवस्यकता है।Corona se kya sikha

 

बचतहमारी जीवन में बचत काफी महत्व रखता है।  हम सब जो कुछ भी सोचतें और कार्य करतें हैं वह हमारी बचत  के अनुसार ही होता है। इन बातो के लेके हम इस पर तात्पर्य रहतें हैं और बचत  करते भी रहतें हैं।  पर हमारी यह बचत काफी नहीं है , क्योंकि आपातकालीन इस्थिति में यही बचत बहुत काम पड़ने लगती है। यही वह एक मजबूत पहलू होती है जो भविष्य में हमारी गंभीर इस्थिति में सहारा होती है।

इस कोरोना के लम्बी लॉकडॉन में वह परिवार जिनकी बचत ठीक थी उसे इस गंभीर इस्थिति में अधिक कठिनाई का सामना करना नहीं पड़ा।

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राशन का स्टॉक ऐसे तो हर परिवार दो से चार दिन की राशन स्टॉक कर के रखतें ही हैं।  यह काफी नहीं होता है।  इस लोकड़ोंन में तीन महीनो तक लगतार इस समस्या को झेलने के बाद पता चला और यही इस्थिति दुबारा दूसरे वर्ष भी करना पड़ा।

अगर इस समस्या को गांवों के किसान से तुलना की जय तो उन्हें इस पर कोई खास दिक्कत नहीं करनी पड़ी , क्योंकि वे काम से काम छह माह से लेकर एक वर्ष तक का राशन स्टॉक रखतें हि हैं। हम जानतें की हम सभी ने लोकड़ोन में घर की राशन प्राप्त करने में कितनी मुशीलो की सामना करनी पड़ी।

 

घर है तो संसार हैं हर जिव के लिए उनका घर ही सबसे महत्वपूर्ण जगह होती हैं।  यदि हम मुसीबतो के समय अपने  घर पर हो , अपना परिवार का साथ हो तो बड़ी से बड़ी मुस्किलो का सामना करना आसान हो जाता है और हमरे आत्मविश्वास भी काफी बढ़ता है।

बहुत से ऐसे लोग हैं जो अभी भी अपने घर के प्रति लापरवाह हैं। उन लोगो ने कोरोना में बहुत ही मुस्किलो की सामना करना पड़ी है। इसलिए अपना एक घर और एक परिवार होना बहुत ही जरुरी है।

 

मास्टर प्लान भविष्य के लिए कुछ सोंच कर हमेशा तैयार रहना तथा अपने पास एक उपयुक्त विचार होना जैस्पर फॉलो कर मुसीबतो से बचा जा सके और परिवार के हरेक सदस्य के लिए कार्युक्त हो।  इस तरह का प्लान कई तरह के हो सकतें हैं जो हमारे परिवार की सुरक्षा और भविष्य पर हो।  इसे हम अपनी जरूरतों और कार्यों के अनुसार सोंच सकतें है।

यह सोच कुछ इस तरह से हो सकता है की यदि हमारे भविष्य में को मुसीबत का सामना करना पड़े तो हमारी सोची हुयी उपाय भविष्य में हमें सहायक हो।  जैसे की बचत , नुट्रिशन फ़ूड , बिमा , आय के नए स्रोत इत्यादि।Corona  se kya sikha

 

आय के नए स्रोत हमें किसी भी एक आय स्रोत पर पूर्ण रूपेण निर्भर रहना पूरी तरह से ठीक नहीं होता है। इसलिए हमें आय के अनेक  नए स्रोत को अपनाना चाहिए।  अलग अलग स्रोतों से चाहे काम – काम ही आय क्यों न हो पर होना चाहिए।  इससे हमें हर परिस्थिति में एक न एक से आय प्राप्त होती ही रहेगी।

 

एक ही स्थान की बोरिया को जाना जब हम पूरी तरह से कंही भी आने जाने की आजादी को नहीं अपना पाते हैं तो हमें घुटन सी महसूस होने लगाती है।  जो की हम जाने अनजाने में पशु -पक्षियों के साथ करतें आएं हैं , जो की गलत है। इसलिए हमें किसी की भी आजादी को नहीं छीनना चाहिए।

 

अपनी अंदर छिपी कला को जगाना लोकड़ोंन में हम सभी अधिक समय घर पर खली बिताना पड़ रहा था , इस खली समय में सभी ने अपनी अंदर छिपी कला को बहार निकल उसे निखारने में लगें , मतलब यह है की हमें अगर जब भी खली वक्त मिले तो हमें फिजूल की कामो को छोड़ कर कुछ नया और महत्वपूर्ण करने के बारे में सोचाना चाहिए।

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प्रिये सज्जनो उपर्युक्त बातें तो मात्र रत्ती भर की है , इससे कई गुना हमारी जीवन प्रभावित हुयी है और हम सबके पास नए नए विचार उभर कर आए हैं , हमें इसे सकारात्मक रूपेन कार्य करना चाहिए जो हमारे और लोगो को काम सके

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2 thoughts on “Corona se kya sikha hamne in Hindi jarur jane

  • February 5, 2022 at 9:23 am
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    It’s not easy to come by nicely-knowledgeable folks With this specific subject, nonetheless, you seem like you really know what you’re speaking about! Thanks

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  • April 13, 2022 at 4:18 pm
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    Usually I do not read article on blogs, but I would like to say that this write-up very forced me to try and do so! Your writing style has been amazed me. Thanks, quite nice article.

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